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असंध में विद्यार्थियों व अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के प्रति किया जागरूक

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स्कूलों में चला एचपीवी वैक्सीनेशन जागरूकता अभियान

स्वस्थ भविष्य की तैयारी: असंध में एचपीवी वैक्सीन जागरूकता कार्यक्रम
स्वस्थ भविष्य की तैयारी: असंध में एचपीवी वैक्सीन जागरूकता कार्यक्रम

असंध, 30 मार्च। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूबे सिंह के आदेशानुसार विभिन्न निजी व राजकीय विद्यालयों के वार्षिक परीक्षा परिणाम के अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को एच पी वी वैक्सीन के लिए जागरूक किया गया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉक्टर समीर, डॉक्टर संदीप ,डॉक्टर संतोष, आईसीटीसी काउंसलर रंगी राम वर्मा ,किशोरावस्था काउंसलर एकता मलिक व स्कूल हेल्थ फार्मासिस्ट वंशिका द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय असंध,डी ए वी पब्लिक स्कूल असंध व हिमालय पब्लिक स्कूल असंध में उपस्थित सभी विद्यार्थियों व अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया गया । इस दौरान डॉ. समीर ने अभिभावकों के बहुत सारे संशय भी दूर किए।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीन पर दिया जोर

असंध के स्कूलों में एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियां दूर की गईं
असंध के स्कूलों में एचपीवी वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियां दूर की गईं

उन्होंने बताया की एचपीवी वैक्सीन महिलाओं को बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचाव करती है, जो भारत में दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है और जो महिलाओं में उभर कर आ रहा है । हरियाणा सरकार ने इस कैंसर के बचाव के लिए लड़कियों में वैक्सीन की शुरुआत की है जो लड़की 14 साल की हो चुकी है और अभी 15 साल की नहीं हुई है उसको यह वैक्सीन सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क लगाई जा रही है । वैक्सीन को लेकर कुछ डर थे कुछ भ्रांतियां ऐसी थी की वैक्सीन से लड़कियों में दुष्प्रभाव हो सकता है ।

14-15 वर्ष की लड़कियों के लिए एचपीवी वैक्सीन जरूरी: स्वास्थ्य विभाग

डॉक्टर समीर ने अभिभावकों को बताया कि वैक्सीन भारत में 2006 से लगाई जा रही है। प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीन बहुत महंगी है ,आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से बचाने के लिए सरकार ने 14 से 15 साल की लड़कियों को यह वैक्सीन मुफ्त देकर सराहनीय कार्य किया है यह वैक्सीन सर्विक्स कैंसर के साथ-साथ वेजाइनल कैंसर से से बचाव में भी फायदेमंद होगी। इसका साइड इफेक्ट सिर्फ आमतौर पर बुखार और थकान के रूप में ही आ सकता है जो बिल्कुल सुरक्षित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी अभिभावकों से यह पुरजोर अपील की गई कि वह एच पी वी वैक्सीन को अपनी 14 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को जरूर लगवाएं ताकि भविष्य में वे सर्विक्स कैंसर जैसी भयानक बीमारी से बच सकें।

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