Search
Close this search box.

COVID-19 व्याख्या: 40 से अधिक देशों में JN.1 का फैलाव, भविष्य के लिए ‘खतरनाक संकेत’ दे रहा है {07-01-2024}

 

 40 से अधिक देशों में JN.1 का फैलाव, photo : wikimedia
40 से अधिक देशों में JN.1 का फैलाव, photo : wikimedia

कोरोनावायरस के विश्वव्यापी खतरे की शुरुआत 2024 में हुई है। JN.1 के एक नए वैरिएंट के कारण विश्व भर में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, इन वैरिएंटों ने महज एक महीने में करीब 41 देशों में प्रवेश कर लिया है।

सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक और संभावित संक्रमण लहर को देखते हुए सतर्क हैं. दूसरी ओर, चीन ने कोरोना से मौतों में तेजी से इजाफा देखा है। अर्थात् कोरोना अर्थात् कोरोना का यह नवीन संस्करण फिर से चिंता बढ़ा रहा है।

भारत में कोविड-19 के खतरों को देखते हुए, दैनिक संक्रमण दर फिर से बढ़ रही है। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के 774 नए मामले और दो लोगों की मौत हुई। देश में कोरोना के एक्टिव मामले 4100 से अधिक हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि JN.1 सब-वैरिएंट को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह भविष्य के लिए खतरनाक संकेत दे रहा है। इस रिपोर्ट में पता चलेगा कि कैसे।

JN.1 वैरिएंट से विशेषज्ञ चिंतित हैं

कोरोना वायरस पर अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि, भले ही हम कोविड-19 के साथ अभ्यस्त हो गए हैं, वैक्सीनेशन और हर्ड इम्युनिटी के चलते नए संस्करणों से संक्रमण और गंभीर बीमारी का खतरा अब बहुत कम हो गया है, JN.1 की प्रकृति फिर से भयानक है। यह दुनिया भर में इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि भविष्य के लिए खतरनाक संकेत को समझना महत्वपूर्ण है।

यदि यह इसी गति से फैलता रहा तो दो महत्वपूर्ण परिणाम हो सकते हैं।

पहला: कोरोना महामारी से लड़ाई अभी भी जारी रहेगी।

दूसरा: JN.1 का प्रसार संभावित रूप से खतरनाक नए कोविड रूपों को जन्म दे सकता है।

ओमिक्रॉन और म्यूटेशन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 के अंत में कोरोना वायरस की खतरनाक डेल्टा लहर के तुरंत बाद एक नया रूप सामने आया. यह रूप इतना बदल गया कि कोरोना वायरस की प्रवृत्ति (प्रक्षेप पथ) को पूरी तरह से बदल गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ओमिक्रॉन कहा, जिसमें ३० से अधिक संस्करण थे, जो मूल वायरस से काफी अलग थे। पिछले दो वर्ष से अधिक समय से ये वैरिएंट निरंतर म्यूटेट हो रहे हैं और अब JN.1 के रूप में दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश नए वैरिएंट केवल एक या दो छोटे बदलावों से अलग हैं। लेकिन पिरोला (ओमिक्रॉन BA.2.86, जिसका म्यूटेशन JN.1 बनाता है) 30 से अधिक अतिरिक्त उत्परिवर्तन से आनुवंशिक रूप से मूल कोरोनावायरस से उतना ही अलग है।

JN.1 एक गंभीर वैरिएंट है, इसलिए सतर्क रहें।

संक्षेप में, एन.1 हर तरह से एक गेम चेंजर हो सकता है। मीडिया रिपोर्टस में कैलिफोर्निया में स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक और कोरोना वायरस पर लगातार अध्ययन कर रहे वैज्ञानिक डॉ. एरिक टोपोल ने कहा कि हमें जनता को सचेत करने की जरूरत है कि ये एक गंभीर वैरिएंट है जो दुनिया भर में कोरोना वायरस की लहर को बढ़ावा दे सकता है, भले ही इसके कारण अस्पतालों में पहले की तुलना में

नवीनतम विकल्प

मिनेसोटा सोटा विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग अनुसंधान और नीति केंद्र (CIDRAP) के निदेशक डॉ. माइकल ओस्टरहोम कहते हैं, जिस प्रकार से JN.1 के कारण संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है, यह नए वैरिएंट्स के गंभीर विकास का प्रतिनिधित्व करता है, जो संकेत देता है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है।

अगस्त 2023 में, इजराइली वेरिएंट ट्रैकर्स ने JN.1 खोज निकाला। BA.2.86 वैरिएंट बहुत खतरनाक नहीं था, लेकिन ये मूल ओमिक्रॉन की तरह भी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि JN.1 महामारी के विकास में एक नया चरण है।

ज्यादा संक्रामक वैरिएंट संक्रमण को बढ़ाते हैं और नए म्यूटेशनों के साथ अधिक संक्रामक और घातक वैरिएंट को जन्म दे सकते हैं। महामारी की शुरुआत में अल्फा-गामा वैरिएंट्स की पहली लहर हल्के लक्षणों वाली थी, लेकिन संक्रमण काफी अधिक था, जिसने डेल्टा वैरिएंट को जन्म दिया और दुनिया भर में मौत के मामले तेजी से बढ़े। JN.1 वैरिएंट की तेजी से बढ़ने वाली प्रकृति भी भयानक है।

 

अस्वीकार: rashtriyabharatmanisamachar की हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टरों, विशेषज्ञों और शैक्षणिक संस्थानों से बातचीत पर आधारित हैं।भारतमणि समाचार के पेशेवर पत्रकारों ने लेख में बताए गए तथ्यों और जानकारी को जांचा और देखा। यह लेख लिखते समय सभी निर्देशों का पालन किया गया है। पाठकों को अधिक जानकारी और जागरूकता देने के लिए संबंधित लेख बनाया गया है। लेख में दी गई जानकारी और सूचना पर भारतमणि समाचार कोई दावा या जिम्मेदारी नहीं लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

यह भी पढ़े:-

Lok Sabha चुनाव 2024

Lok Sabha चुनाव 2024

Lok Sabha चुनाव 2024: दक्षिण भारत में पांच राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 132 लोकसभा सीटें हैं। पुरा पढ़े 

Spread the love
What does "money" mean to you?
  • Add your answer