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श्रमजीवी विस्फोट: आतंकी ट्रेन में बम धमाका, अदालत ने दो दोषी आतंकियों को दी फांसी की सजा{04-01-2024}

श्रमजीवी विस्फोट: आतंकी ट्रेन में बम धमाका
श्रमजीवी विस्फोट: आतंकी ट्रेन में बम धमाका ,photo:tv9

आतंकी श्रमजीवी एक्सप्रेस में हुआ बम विस्फोट, प्रत्येक व्यक्ति को मारने का था इरादा

श्रमजीवी विस्फोट: आतंकी ट्रेन में सवार प्रत्येक व्यक्ति को मारना चाहते थे..। श्रमजीवी बम विस्फोट को इंजन की पीछे वाली बोगी में इस तरह रखा गया था: श्रमजीवी विस्फोट कांड के दोषी दो आतंकियों को बुधवार को जौनपुर की अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश राय की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन को फैसला सुनाया गया। दोनों को 22 दिसंबर 2023 को दोषी ठहराया गया था।

सीमा पार से आने वाले आतंकी श्रमजीवी एक्सप्रेस में सवार हर व्यक्ति को मार डालना चाहते थे। श्रमजीवी एक्सप्रेस के इंजन से सटी जनरल बोगी में बम डाला गया।मामले की जांच कर रहे पुलिस रेल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी ने कहा कि आतंकियों ने इंजन के पीछे वाली बोगी में जानबूझकर बम रखा था।

विस्फोट के बाद वे चाहते थे कि ट्रेन पलट जाएगी। जनरल और एसी कोच में यात्रियों को इससे बहुत नुकसान होगा। भारत में अधिक मौतें आतंक को बढ़ा सकती हैं।

इंजन की पीछे वाली बोगी में रखा गया था श्रमजीवी  विस्फोट का तथ्य

वर्तमान रिकॉर्ड के अनुसार, सातों आतंकी बिहार में मुर्शिदाबाद पहुंचे थे। पटना रेलवे स्टेशन के निकट खुसरुपुर रेलवे स्टेशन के निकट एक ट्यूबवेल पर बैठक हुई। वहीं अटैची में बम रखा गया, फिर पटना रेलवे स्टेशन पर खड़ी श्रमजीवी एक्सप्रेस (ट्रेन) जौनपुर के हरपालपुर और कोइरीपुर के बीच रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन संख्या 2391 की जनरल बोगी में एक अटैची बम रखा गया था, जो सीट के नीचे था।

श्रमजीवी अभियोजन ने बताया कि वे पटना के खुसरूपुर रेलवे स्टेशन के निकट एक ट्यूबवेल पर इकट्ठा हुए थे, जो प्लेटफॉर्म नंबर तीन कर पर खड़ा था। खुसरूपुर के मियां टोला में रहने वाले हकीम मियां से आतंकियों ने विस्फोटक और अटैची प्राप्त की। याहिया और ओबैदुर्रहमान ने खुसरूपुर के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के उत्तर में ट्यूबवेल के पास बम बनाया। श्रमजीवी ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर चेकिंग के बाद, हिलाल और रोनी ने जनरल बोगी में सीट के नीचे एक अटैची बम रखकर उसे सीट से बांधा, जिसके बाद बम विस्फोट हुआ।

आरडीएक्स का इस्तेमाल, टाइमर

27 जुलाई 2005 को पटना रेलवे स्टेशन पर टाइमर अटैची बम लगाया गया था। आरडीएक्स इसमें प्रयोग किया गया था। आतंकियों का लक्ष्य बड़ा नुकसान पहुंचाना था, इसलिए जनरल बोगी में बम रखा गया। 28 जुलाई को ट्रेन जौनपुर के हरपालगंज रेलवे स्टेशन से गुजरते समय टाइमर से विस्फोट हुआ।

आतंकी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और पश्चिम बंगाल के नफीकुल विश्वास को 17 नवंबर 2005 को गिरफ्तार किया गया था, जो 18 साल से जेल में हैं। दोनों को पहले हैदराबाद जेल में डाला गया था। बाद में अदालत ने मामले को देखा और आतंकियों को गिरफ्तार किया। बाद में आतंकवादी को जौनपुर लाया गया और जिला कारगार में डाला गया। करीब 18 वर्ष से वे आतंकी कैद में हैं। सजा अब मिली है।

पश्चिम बंगाल और बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन को गिरफ्तार, सजा सुनाई गई

आतंकवादी बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत आए थे। सात आतंकवादी थे। इन सभी को पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने का पाठ पढ़ाया गया था। वजदानी आका था। नफीकुल विश्वास और हिलालुद्दीन भी आतंक फैलाने के इरादे से आए थे।
श्रमजीवी विस्फोट कांड के दोषी दो आतंकियों को फांसी की सजा आपको बता दें कि बुधवार को जौनपुर की अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश राय की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन को फैसला सुनाया गया। दोनों को 22 दिसंबर 2023 को दोषी ठहराया गया था।

बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय की अदालत में 18 साल पहले श्रमजीवी विस्फोट एक्सप्रेस में बम रखने के आरोपित बांग्लादेशी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और विस्फोट में सहयोग करने के आरोपित नफीकुल विश्वास को पेश किया गया। इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर 3.13 बजे कोर्ट में पेश किया गया।

हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन को शाम 4.15 बजे न्यायाधीश अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय ने धारा 148 में तीन वर्ष की सजा व पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 302 भादंस में मृत्युदंड, धारा 307 भादंस में 10 वर्ष की सजा व पांच लाख रुपये अर्थदंड, धारा 3 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में आजीवन कारावास व पांच लाख रुपये अर्थदंड, और धारा 150 रेल धारा 14 फारेनर्स एक्ट में पांच वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये का अर्थदंड दिए गए, अधिनियम में आजीवन कारावास।

धारा 148 में तीन वर्ष की सजा, पांच हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 302 भारतीय दंड संहिता में मृत्युदंड, धारा 307 भारतीय दंड संहिता में 10 वर्ष की सजा व पांच लाख रुपये का अर्थदंड, धारा 3 विस्फोटक अधिनियम में आजीवन कारावास व पांच लाख रुपये का अर्थदंड, और धारा 150 रेलवे अधिनियम में आजीवन कारावास की सजा दी गई। दोनों को अदालत के फैसले के बाद आदेश की प्रतियां इंतजार करनी पड़ी। दोनों को कड़ी सुरक्षा के साथ जेल भेजा गया।

28 जुलाई 2005 को सिंगरामऊ के हरपालगंज हरिहरपुर के पास पटना से दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस में आतंकियों ने बम विस्फोट कर 14 लोगों की जान ले ली और 62 लोग घायल हो गए। धमाके में 14 लोग मर गए और 62 घायल हुए।

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