Search
Close this search box.

गुलाब को पांच साल की सजा: गैर इरादतन हत्या मामले में न्याय का फैसला{20-12-2023}

दो पक्षों की सुनवाई

न्याय

दो पक्षों को सुनने के बाद, एडीजे अमित कुमार गर्ग की अदालत ने गुलाब को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और पांच साल की सजा सुनाई. उसे 50 हजार रुपये का जुर्माना भी देना पड़ा। जुर्माना नहीं देने पर पांच महीने की साधारण कैद और जुर्माना भुगतान करना होगा।

पांच साल की सजा

हरियाणा के कैथल में एक जिला न्यायालय ने दोषी को गैर इरादतन हत्या के मामले में पांच साल की सजा और पचास हजार रुपये की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर पांच महीने की साधारण कैद का सामना करना पड़ेगा।

घटना का संपादन

तीन नवंबर 2020 को, मृतक के पुत्र अनिल, गांव कुतुबपुर, ने आईपीसी की धारा 302, 34 के तहत थाना सिटी में केस दर्ज किया। स्टेट की ओर से केस की पैरवी कर रहे जिला उप न्यायाधीश सुखदीप सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता अनिल के पिता सुभाष ने उसे बताया कि 30 अक्तूबर 2020 को सुभाष और रामप्रसाद (दोनों कैथल निवासी) शाम को गांव कुतुबपुर से रामप्रसाद के मोटरसाइकिल पर खेत में जा रहे थे। जब वे शाम 6:30 बजे गांव सिल्ला खेड़ा के अंडरपास के पास पहुंचे, तो अचानक सामने से उनके खेतों का पड़ोसी गुलाब अपनी मोटरसाइकिल से गुजरने लगा।

फिर गुलाब ने अपनी गाड़ी रोक दी। इस पर सुभाष और रामप्रसाद ने गुलाब से कहा कि मोटर साइकिल को ध्यान से चलाओ। गुलाब ने कहा कि वह पंगा लेने का मजा चखाता है और पास खड़े ट्रक से लोहे की रॉड निकालता है। उसने खुशी, अपने दोस्त और दो अन्य लड़कों को भी बुलाया।

गुलाब ने आते ही सुभाष को जान से मारने की इच्छा से उसके पेट में लोहे की रॉड मारी, जिससे वह गिर पड़ा। साथ ही, खुशी ने सुभाष के पेट में लोहे की रॉड डाल दी। रामप्रसाद उसे छुड़ाने लगा तो सभी ने उसे भी पीटा। जब शोर मच गया तो हमलावर धमकी देकर वहां से भाग गए। सुभाष के परिवार वाले सूचना मिलते ही शाह अस्पताल कैथल ले गये। चिकित्सा के बाद उसे घर ले गए।

परिवार की संघर्षपूर्ण कहानी

31 अक्तूबर को सुभाष का परिवार अनन्या अस्पताल, कैथल, भारत में भर्ती हुआ जब उसके पेट में अधिक दर्द होने लगा। 31 अक्तूबर को सुभाष को पेट में अधिक दर्द होने लगा, जिसके बाद उसके परिजन अनन्या अस्पताल, भारत अस्पताल और फिर जनता अस्पताल कैथल ले गए। सुभाष को जनता अस्पताल कैथल के डाक्टर ने हवाई अड्डे पर भेज दिया. उसके परिवार ने उसे हिसार ले गया, जहां उसका पेट का ऑपरेशन हुआ।

न्यायिक फैसले का प्रतिष्ठान

उसे 3 अक्तूबर को चंडीगढ़ भेजा गया। सुभाष का आरोप था कि वह इलाज के दौरान मर गया था। पुलिस ने इस पर मुकदमा दर्ज करके चालान अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे अमित कुमार गर्ग की अदालत ने गुलाब को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और पांच साल की सजा सुनाई

यह भी पढ़े:-

ट्वीट का आगमन

पराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ट्वीट

मैं पिछले दो दशक से संघर्ष कर रहा हूँ..। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का टेलीफोन आया। कल संसद परिसर में कुछ सांसदों की घृणित नौटंकी पर वे बहुत दुखी थे।

खबर को पुरा पढ़ने के लिए click करे:-rashtriyabharatmanisamachar

Spread the love
What does "money" mean to you?
  • Add your answer