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भारत-मालदीव विवाद: चीन के साथ बढ़ते तनाव पर Global Times का बयान {09-01-2024}

भारत-मालदीव विवाद (photo: newsbytesapp)
भारत-मालदीव विवाद (photo: newsbytesapp

भारत-मालदीव विवाद: ग्लोबल टाइम्स, भारत की कम्युनिस्ट सरकार का मुखपत्र, ने मालदीव मामले में चीन को बदनाम करते हुए कहा कि उसने कभी भी मालदीव को भारत से दूर रहने को नहीं कहा। वह भी भारत-मालदीव संबंधों को एक खतरा नहीं मानता।

ग्लोबल टाइम्स ने कहा: भारत की कम्युनिस्ट सरकार ने मालदीव विवाद में चीन को बदनाम किया

चीन को मालदीव विवाद में भारत के साथ आना अच्छा नहीं लगा।ग्लोबल टाइम्स, चीन के सरकारी अखबार, ने कहा कि भारत को खुले मन से विचार करना चाहिए। भारत का मानना है कि क्षेत्र पर उसका ही प्रभाव रहेगा। उसके हिसाब से मालदीव और चीन से दूर रहें। ग्लोबल टाइम्स  का कहना है कि भारत को यह विचार करना चाहिए कि दक्षिण धोनी के एक निकट मित्र और सूत्र ने बताया कि मिहिर दिवाकर की गतिविधियों से एमएस धोनी की छवि खराब हुई है। “वह एक बयान जारी कर रहे हैं, लेकिन मिहिर दिवाकर को साहस दिखाना चाहिए और इस विषय पर जवाब देने के लिए रांची अदालत में आना चाहिए,” सूत्र ने बताया।“

एमएस धोनी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत रांची जिला न्यायालय में 1. अरका स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, मिहिर दिवाकर निदेशक और सौम्या दास निदेशक के खिलाफ आपराधिक मामला दायर किया। Global Times का कहना है कि भारत को यह समझना चाहिए कि चीन को दक्षिण एशियाई देशों में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू फिलहाल चीन में हैं। यह पहली बार है कि मालदीव का कोई राष्ट्रपति भारत आता है। भारतीय मीडिया ने इसको लेकर चीन को घेर लिया है।ग्लोबल टाइम्स ने विश्लेषकों से कहा कि मुइज्जू की यात्रा को चीन का समर्थन बताना कुछ भारतीय नेताओं में निराशा का संकेत है। भारत को इस क्षेत्र में चीन के साथ प्रतिस्पर्धा का बहाना बनाकर चीन को अपने पड़ोसी देशों के साथ खराब संबंधों का दोषी नहीं ठहराना चाहिए।

चीन के सिचुआन इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में प्रोफेसर लांग जिंगचुन ने कहा कि चीन मालदीव की संप्रभुता का सम्मान करता है और उसके घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है। भारत के विपरीत, चीन मालदीव के साथ संबंधों को पसंद नहीं करता। ग्लोबल टाइम्स ने चीन को बताया कि उसने मालदीव को कभी भी भारत से दूर रहने को नहीं कहा। वह भी भारत-मालदीव संबंधों को खतरे के रूप में नहीं देखता।

दिल बड़ा करे भारत पत्रिका ने कहा कि चीन, भारत और मालदीव के साथ त्रिपक्षीय सहयोग करना चाहता है। भारत को स्वतंत्र होना चाहिए। भारत का मानना है कि वह क्षेत्र पर अपना ही प्रभाव रखता है। भारत का मानना है कि वह क्षेत्र पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा। मालदीव और चीन से दूर रहें। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारत को यह समझना चाहिए कि दक्षिण एशिया में चीन को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।

फुडन विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई अध्ययन केंद्र के उप निदेशक लिन मिनवांग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि मुइज्जू भारत या चीन का पक्ष नहीं ले रहे हैं। उन्हें ऐसा करने की भी आवश्यकता नहीं है। वास्तव में, वह अपने देश की सुरक्षा को अधिक प्राथमिकता देते हैं। भारत का दावा है कि वह चीन की पक्षधर नीति का हौवा बनाकर मुइज्जू पर दबाव डालना चाहता है।

ईज माय ट्रिप अयोध्या और लक्षद्वीप को प्रोत्साहित करेगा..।

भारतीय कंपनियां मालदीव विवाद में सरकार के साथ हैं। ईज माय ट्रिप, देश की सबसे बड़ी पर्यटन कंपनी, ने अयोध्या और लक्षद्वीप के नए पैकेज जारी किए हैं और मालदीव की बुकिंग बंद कर दी है। विस्तार एयरलाइंस ने भी कहा कि बदले परिस्थितियों में मालदीव की उड़ानों की समीक्षा करेगा। भारतीय पर्यटन कंपनी मेक माय ट्रिप के प्रमुख मार्केटिंग अधिकारी राज ऋषि सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद उसके प्लेटफॉर्म पर लक्षद्वीप खोजने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, 3,400 प्रतिशत।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बाद मालदीव पर उठे सवाल (photo:satyahindi)

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#Maldives को बहिष्कार करें: ट्रैवल एजेंसी का कहना है कि मालदीव के लिए कोई नई पूछताछ नहीं हुई है और कंपनी ने सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है. पुरा पढ़े

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