Search
Close this search box.

दूरसंचार विधेयक 2023: इसमें होने जा रहे हैं 10 बड़े बदलाव, तीन साल की जेल और 50 लाख जुर्माने का भी प्रावधान{22-12-2023}

दूरसंचार विधेयक 2023: इसमें होने जा रहे हैं 10 बड़े बदलाव

दूरसंचार विधेयक 2023

 

दूरसंचार विधेयक 2023: इसमें होने जा रहे हैं 10 बड़े बदलाव, तीन साल की जेल और 50 लाख जुर्माने का भी प्रावधान। नया विधेयक भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933, और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम 1950 की जगह लेगा। चलिए देखें कि यह टेलीकॉम बिल हमारे जीवन पर कैसा प्रभाव डालने वाला है।

  1. उपग्रह स्पेक्ट्रम का नीलामी प्रक्रिया: उपग्रह स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए गैर-नीलामी प्रक्रिया शुरू हो रही है, जो उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं की प्रोत्साहना करेगी।
  2. सिम कार्ड फ्रॉड पर दण्ड: फर्जी सिम कार्ड से जुड़े अपराधों के लिए 3 साल जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना। सिम कार्ड क्लोनिंग को भी अब दंडनीय अपराध माना जाएगा।
  3. टेलीकॉम नियामक ट्राई पर सीमा: नया विधेयक ट्राई की शक्तियों पर अंकुश लगाएगा, विनियमित करेगा उनकी क्रियाएँ।
  4. लाइसेंस फीस वापसी: टेलीकॉम लाइसेंस वापसी पर लाइसेंस फीस भी वापस की जाएगी।
  5. प्रमोशनल मैसेज की इजाजत: टेलीकॉम कंपनियों को पहले सरकार से प्रमोशनल मैसेज भेजने के लिए इजाजत लेनी होगी।
  6. सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा के लिए नई प्रक्रिया: सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नए तरीके से होगा, जिससे इस उच्च-तकनीकी क्षेत्र में नए खिलाड़ी दाखिल होंगे।
  7. जुर्माने में कमी: टेलीकॉम कंपनियों पर लगने वाले जुर्माने को कम किया गया है, जिससे उन्हें अब 5 करोड़ का जुर्माना ही देना होगा।
  8. टॉवर की छूट में समाप्ति: सरकारी या गैर-सरकारी जमीन पर टॉवर लगाने के लिए किसी भी तरह की छूट नहीं मिलेगी।
  9. मीडिया के लिए नया प्रावधान: संवाददाताओं के मैसेज को रोका नहीं जाएगा, जब तक उनके प्रसारण पर सार्वजनिक आपातकाल और सार्वजनिक व्यवस्था पर लागू नियम के तहत प्रतिबंधित नहीं किया जाता।
  10. ओटीटी और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अच्छी खबर: ओटीटी और सोशल मीडिया कंपनियों को इंटरनेट आधारित कॉलिंग और मैसेजिंग के लिए शुल्क नहीं लेना होगा, जो उन्हें बड़ी राहत देगा।

यह भी पढ़े:-

बसपा सांसद का आपत्तित्व: अश्विनी वैष्णव के प्रस्तुत विधेयक का आलोचनात्मक समर्थन

ओटीटी और इंटरनेट आधारित सेवाएं: नए विधेयक में उपयोगकर्ताओं के हित की रक्षा

बसपा सांसद रितेश पांडे ने दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक को असांविधानिक बताया।

खबर को पुरा पढ़ने के लिए click करे:-rashtriyabharatmanisamachar

Spread the love
What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Recent Post