Search
Close this search box.

जजपा का धमाकेदार प्रवेश: 25/25 से 20/20, इन सीटों पर चमकेगा जननायक

चौटाला की छुट्टी, संगरिया और नोहर में जजपा का कब्जा: 20 प्रत्याशियों के साथ मैदान में:-

 

annayak Janata Party: 25/25, 20/20 हालांकि पार्टी चौटाला गांव से लगते संगरिया विधानसभा क्षेत्र से कोई उम्मीदवार नहीं उतार पाई। यहां तक कि ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र से सटे नोहर विधानसभा क्षेत्र में भी कोई प्रत्याशी तैयार नहीं कर पाई।
राजस्थान विधानसभा चुनाव में पहली बार दादा चौधरी देवीलाल चौटाला की राह पर चलकर हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भले ही दम दिखाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन नामांकन रद्द होने और मैदान छोड़ने की वजह से अब जजपा के 25 में से 20 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। घोषणा के बाद भी पांच विधानसभा क्षेत्रों से जजपा अपने उम्मीदवारों को नहीं लड़ा पा रही है।

जजपा के मैदान में उतरने से यहां हुआ दिलचस्प मुकाबला

इनमें पीलीबंगा से राजकुमार ने परिवारिक दबाव में आकर नामांकन वापस ले लिया तो नवलगढ़ से प्रतिभा चौधरी का समय पर हलफनामा नहीं जमा हो पाया। चुरू से जजपा ने संपत सिंह राठौर को उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन नामांकन पत्र में त्रुटि होने की वजह से वह अब निर्दलीय लड़ रहे हैं। इसी तरह चाकसू से मांगेलाल खंडेलवाल नामांकन नहीं भर पाए। रायसिंह नगर से संजय बावड़ी भी तकनीकी कारण से नामांकन नहीं कर पाए।

हरियाणा से सटे हलकों से ज्यादा उम्मीदें:-

जजपा को अब हरियाणा से सटे भादरा एवं अन्य सीटों से उम्मीदें हैं। हालांकि पार्टी चौटाला गांव से लगते संगरिया विधानसभा क्षेत्र से कोई उम्मीदवार नहीं उतार पाई। यहां तक कि ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र से सटे नोहर विधानसभा क्षेत्र में भी कोई प्रत्याशी तैयार नहीं कर पाई। फिर भी कुछ सीटों पर जजपा को कांग्रेस और भाजपा के वोट बैंक पर नजर है।

जननायक जनता पार्टी के राजस्थान के अध्यक्ष चौधरी निशान सिंह का मानना है कि राजस्थान में चौधरी देवीलाल का अब भी रुतबा है। वह सीकर से सांसद थे। नोखा में भी राजनीतिक आधार है। उनका कहना है कि पार्टी ने पहली बार राजस्थान में 25 उम्मीदवारों की घोषणा की थी, लेकिन इनमें से कुछ के नामांकन खारिज हो गए, जबकि कुछ पार्टी छोड़ गए। उनके वोटर सिर्फ जाट ही नहीं, बल्कि अनुसूचित और मुस्लिम समाज के लोग भी हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस और भाजपा का वोट बंटने का फायदा उन्हें मिलेगा। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला खुद एक महीने से लगातार राजस्थान में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं।

जजपा के मैदान में उतरने से यहां हुआ दिलचस्प मुकाबला:-

जजपा के मैदान में उतरने से यहां हुआ दिलचस्प मुकाबला

दांतारामगढ़ से डॉ. रीता सिंह जजपा प्रत्याशी हैं जबकि उनके पति वीरेंद्र सिंह कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं। डा. रीता सिंह जिला परिषद की चेयरमैन रह चुकी हैं। जजपा ने नीम का थाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के बागी रघुबीर सिंह तंवर को मैदान में उतारा है। इसी तरह फतेहपुर से जजपा प्रत्याशी नंद किशोर महरिया की राजनीति पृष्ठभूमि मजबूत है। हालांकि इनके भाई सुभाष महरिया लक्ष्मणगढ़ से भाजपा के प्रत्याशी हैं।

जानिए कहां-कहां से लड़ रहे जजपा प्रत्याशी चुनाव:-

         विधानसभा             प्रत्याशी

  • सूरतगढ़             पृथ्वीराज मील
  • भादरा                  कार्तिकेय चौधरी
  • खाजूवाला            सीताराम नायक
  • तारानगर            विनय कुमार शर्मा
  • फतेहपुर             नंद किशोर महरिया
  • दांतारामगढ़         डॉ. रीटा सिंह
  • सीकर                बरकद मोहम्मद
  • खंडेला              सरदार सिंह आर्य
  • नीम का थाना     रघुवीर सिंह तंवर
  • कोटपुतली         राम निवास यादव
  • झोटवाड़ा         दीन दयाल जाखड़
  • बगरू               हरीश डाबी
  • रामगढ़            इजहार आलम
  • भरतपुर           डॉ. मोहन सिंह
  • हिंडौन              गायत्री कोली
  • महवा            डॉ. आशुतोष झालानी
  • गंगापुर          सिटी ओमप्रकाश शर्मा
  • नसीराबाद      जीवराज जाट
  • सूरसागर         इम्तयाज अहमद

 

यह भी पढ़े:-

राजस्थान चुनाव 2023: दीपावली से लेकर उम्मीदवारों का महका मैदान

चुनावी पर्व की शुरुआत: राजस्थान में 2023 के चुनावों का माहौल:-

चुनावी पर्व की शुरुआत: राजस्थान में 2023 के चुनावों का माहौल

राजस्थान चुनाव 2023: राजस्थान में दीपावली की तैयारियों के साथ चुनावी पर्व की शेार भी खूब हो रहा है। छोटे-बड़े नौ दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों समेत 1875 प्रत्याशी चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जानिए किस पार्टी के कितने प्रत्याशी मैदान में हैं।

खबर को पुरा पढ़ने के लिए click करे:-rashtriyabharatmanisamachar

Spread the love
What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Recent Post